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बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर कांग्रेसी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री का कर रहे थे विरोध, जेल से किया रिहा
इंदौर. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद बवाल मचा हुआ है. आज इसके विरोध में प्रदर्शन करने कांग्रेस सड़क पर उतर आई. बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की. बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद से ही प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है. इस बयान को लेकर इंदौर कांग्रेस कमेटी ने आज विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए पहुंच रहे थे. इस दौरान यहां प्रशासन के साथ यहां पुलिस बल मौजूद था.
पुलिस ने जब उन्हें विरोध प्रदर्शन करने से रोका तो दोनों ओर से विवाद की स्थिति बन गई. जिसके बाद इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल और राजीव विकास केंद्र के देवेंद्र सिंह यादव ने सड़क पर ही बैठकर धरना देने का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस बल ने सभी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार करके इंदौर की सीआई जेल भेजा गया.
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. प्रशासन के अनुसार शहर में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी रहने से किसी को भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. शहर कांग्रेस को भी इस आशय की सूचना पूर्व में दे दी गई थी, हालांकि उन्होंने इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन करने का प्रयास किया. लिहाजा सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जिसके बाद सभी को रिहा कर दिया गया.

इंदौर शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि वायरल ऑडियो में मुख्यमंत्री तत्कालीन कांग्रेस की सरकार को गिराने की बात कहते हुए सुनायी दे रहे है. इससे साफ है कि भाजपा ने जनमत का अपमान करते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार को गिराया है. इसी के विरोध में वे कलेक्टर को ज्ञापन देने जा रहे थे. तभी पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और जेल ले आई.
बाकलीवाल ने कहा हमने गुरुवार को परमिशन मांगी थी, लेकिन हमें इजाजत नहीं दी गई. वहीं, भाजपा को गुरुवार को चौराहे-चौराहे कार्यक्रम आयोजित करने की परमिशन दी गई. पांच की परमिशन दी गई, लेकिन चौराहों पर 100 लोग इकट्ठा होकर मास्क बांट रहे थे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.


